प्रीतम मिश्रा
अच्छी कविता पढ़ने के शौकीन ..जीवन के हर पहलू पर लि
पूर्ण जीवनी
साहित्य से लगाव बचपन से रहा है विद्यार्थी भी मै साहित्य की ही रही हूं ।संगीत प्रेमी हूँ इसलिए कविताएं मुझे हमेशा से प्रेरित करती हैं। अंग्रेजी साहित्य में एम.ए करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से रशियन भाषा भी सीखने की कोशिश की. मै एक आज़ाद खयाल की महिला हू जो अपने कामों से समाज में एक समानता लाने की कोशिश करती हूँ।मुझे उन बच्चों को पढ़ाना अच्छा लगता है जो जीवन में कुछ करना चाहते हैं ।मै पेशे से एक शिक्षिका हूं तो मेरी ये जिम्मेदारी भी है।