सुषमा कुमारी
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पूर्ण जीवनी
सुषमा कुमारी का जन्म 15 सितंबर, 1967 ई को मधुबनी में एक शिक्षित एवं प्रतिष्ठित परिवार में हुआ। पिता प्रो.राम कुमार झा टी.एन. बी. कॉलेज,भागलपुर में अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर थे और माता शशिलता झा एक सरल,सुंदर और कर्तव्यनिष्ट गृहिणी।माता -पिता की सादगी,सरलता और सम्पन्नता के कारण बचपन बहुत ही खुशहाल बीता। सुषमा ने 1982 में दसवीं सुल्तानगंज से किया,तो बारहवीं (1982-84) सुन्दरवती महिला महाविद्यालय,भागलपुर से।टी. एन .बी. कॉलेज, भागलपुर से बी.ए.ऑनर्स (1984-87) इतिहास में किया और पी.जी. इतिहास विभाग से एम.ए. (1987-89) की डिग्री ली।
शादी के पश्चात गुवाहाटी में रहने का अवसर मिला। पति प्रो. ध्रुव कुमार झा गौहाटी विश्वविद्यालय में वनस्पति विभाग के प्रोफेसर, अध्यक्ष एवं डीन थे। वहां ;आकाशवाणी गौहाटी; से जुड़ने का अवसर मिला और कई वार्ताएं प्रसारित हुई। साथ ही गुवाहाटी के प्रकाशक ;वीणा लाइब्रेरी; से दो हिंदी व्याकरण की पुस्तक के संपादन,कई आलेखों के अनुवाद और ;प्रूफ-रीडिंग; का भी सुअवसर प्राप्त हुआ। सुषमा की अभिरुचि प्रारंभ से ही कलात्मक थी। इन्होंने कई ;मधुबनी पेंटिंग; का तैल चित्र कैनवास पर उतरा।सृजन का एक पक्ष इनका बागवानी प्रेम भी रहा।घर की छोटी सी बगिया में इनके कलम चलने वाले हाथों ने निरंतर खुरपी भी चलाई है।आज भी इनकी वाटिका सुकून प्रदान का प्रमुख जरिया है।
इस खुशहाल जिंदगी में 4 फरवरी,2023 को सुनामी आया और सबकुछ तहस-नहस हो गया,जब सड़क दुर्घटना में अचानक पति का स्वर्गवास हो गया। जिंदगी थम गई..। चारों ओर अंधेरा छा गया ..।
2024 को वापस भागलपुर आ गई अपने इकलौते पुत्र उत्कर्ष के साथ,जो संप्रति अध्ययनरत है और मां का सर्वश्रेष्ठ स्तंभ, जिसने सारी जिम्मेदारियां अपने मजबूत कंधों पर उठा रखा है। साथ में बड़ी बहन नीलिमा दी, जो संप्रति दर्शनशास्त्र विभाग में प्रोफेसर है, का स्नेहिल सान्निध्य भी प्राप्त है।
बस यही परिचय है गृहिणी सुषमा का।